जैसे शतरंज के उस घर में, जहाँ फंस जाए कोई वज़ीर, वैसे ही इस चतुराम में, था मेरा हर फैसला असीर।
यदि आप किसी दक्षिण भारतीय मित्र से "चतुरम्" सुनें, तो संदर्भ देखें—कहीं यह "वर्ग" तो नहीं कह रहा! chathuram in hindi
Standing at the square of paths, the destination seemed like a riddle, In every corner, a question hid; on every wall, a doubt loomed. जैसे शतरंज के उस घर में
या "चतुराई से युक्त" जहाँ फंस जाए कोई वज़ीर
उसने सोचा, "ये सीधा रास्ता है, जो ले जाएगा मुझे मेरे घर," पर हर कदम पर बदलती थी राह, था कुछ और ही इसका श्रेय।